धार जिले के बाग–कुक्षी क्षेत्र में शोधकर्ताओं ने 2017 से 2020 के बीच डायनासोर अंडों के 92 समूह दर्ज किए। इनमें कुल 256 अंडे थे। जनवरी 2023 में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार साबुत अंडे सामान्यतः 15–17 सेंटीमीटर चौड़े थे।

अंडों के खोल की सूक्ष्म बनावट से छह अंड-प्रकार पहचाने गए। पास-पास के घोंसलों से सामूहिक घोंसले बनाने का संकेत मिला। तलछट के आधार पर टीम ने अंडों को आंशिक रूप से दबाए जाने की व्याख्या की।

एक नमूना विशेष था: एक पूर्ण खोल के भीतर दूसरा पूर्ण खोल। जून 2022 के अलग अध्ययन ने इसे पक्षियों में मिलने वाली अंडे-के-भीतर-अंडा विकृति से जोड़ा। इससे टाइटैनोसॉर के प्रजनन तंत्र और पक्षियों के बीच समानता की संभावना सामने आई।

अंडों की श्रेणी जीव की प्रजाति के बराबर नहीं होती। शोधकर्ताओं ने खोलों की विविधता और घोंसलों की बनावट को व्यवहार समझने के संकेत माना है; छह अंड-प्रकार से छह डायनासोर प्रजातियां तय नहीं होतीं।

मुख्य बातें

  • पांच गांवों के आसपास 92 घोंसले दर्ज हुए।
  • अंडों के खोल से छह अंड-प्रकार पहचाने गए।
  • एक दुर्लभ नमूने में दो पूर्ण खोल मिले।

स्रोत और संदर्भ

  1. PLOS ONE · New Late Cretaceous titanosaur sauropod dinosaur egg clutches from lower Narmada valley, India: Palaeobiology and taphonomy ↗18 जनवरी 2023
  2. Scientific Reports · First ovum-in-ovo pathological titanosaurid egg throws light on the reproductive biology of sauropod dinosaurs ↗7 जून 2022

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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